नमस्ते दोस्तों! क्या आप सुबह का नाश्ता जल्दी और स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं? बेसन चीला एक ऐसा आसान व्यंजन है जो घर पर 10-15 मिनट में तैयार हो जाता है। यह चिक्की चूड़ी सा कुरकुरा होता है और बच्चों से लेकर बड़ों तक सबको पसंद आता है।
बेसन चीला प्रोटीन से भरपूर होता है, जो मसल्स को मजबूत बनाता है। इसमें सब्जियाँ डालकर विटामिन्स भी मिल जाते हैं। आजकल वजन घटाने वालों और डायबिटीज के मरीजों के लिए यह परफेक्ट ऑप्शन है। सरकार की योजनाओं में भी बेसन जैसी चीजें सस्ते दाम पर मिलती हैं।
इस ब्लॉग में हम स्टेप बाय स्टेप रेसिपी, फायदे और टिप्स बताएँगे। पढ़ते रहिए और कमेंट में बताइए कि आपको कैसा लगा!
Besan Chilla Recipe 2026
बेसन चीला बेसन से बना एक स्वादिष्ट पैनकेक जैसा नाश्ता है। यह राजस्थानी स्टाइल का होता है और घर पर आसानी से बनता है। इसे चीला, चेला या ग्राम फ्लोर ओमलेट भी कहते हैं। सब्जियाँ मिलाकर इसे हेल्दी बनाया जाता है।
यह ग्लूटेन फ्री है, यानी गेहूँ से एलर्जी वालों के लिए सेफ। एक चीला में लगभग 140 कैलोरी, 6-7 ग्राम प्रोटीन और 3 ग्राम फाइबर मिलता है। बच्चे इसे पिज्जा की तरह खाते हैं।
| सामग्री | मात्रा (1 कप बेसन के लिए) |
|---|---|
| बेसन (ग्राम फ्लोर) | 1 कप |
| प्याज (बारीक कटा) | 1 मध्यम |
| टमाटर (बारीक कटा) | 1 मध्यम |
| हरी मिर्च (कटी) | 1-2 |
| धनिया पत्ती (कटी) | 2 टेबलस्पून |
| हल्दी पाउडर | 1/4 चम्मच |
| नमक | स्वादानुसार |
| पानी | 1-1.5 कप (गाढ़ा बैटर के लिए) |
| तेल | 1-2 चम्मच (प्रति चीला) |
बेसन चीला बनाने की विधि
सबसे पहले एक बाउल में बेसन लीजिए। इसमें हल्दी, नमक, कटी सब्जियाँ और धनिया डालें। धीरे-धीरे पानी मिलाते हुए गाढ़ा बैटर बनाएँ। कोई गुठली न रहे। 10 मिनट रेस्ट दें।
नॉन-स्टिक तवे पर तेल लगाएँ। एक कटोरी बैटर डालकर गोल फैलाएँ। मीडियम आँच पर 2-3 मिनट पकाएँ। ऊपर से बुलबुले आएँ तो पलट दें। दूसरी तरफ भी सुनहरा होने तक पकाएँ। गर्मागर्म सर्व करें।
दही, चटनी या टमाटर सॉस के साथ खाएँ। 4-5 चीला 15 मिनट में बन जाते हैं। बच्चे स्कूल ले जाने के लिए परफेक्ट।
बेसन चीला के पोषण मूल्य
बेसन चीला हाई प्रोटीन होता है। 100 ग्राम बेसन में 22 ग्राम प्रोटीन मिलता है। फोलिक एसिड, फाइबर, फॉस्फोरस और विटामिन B1 भरपूर। यह हड्डियाँ मजबूत करता है।
एक चीला में आयरन 1.2 mg, पोटैशियम 168 mg और विटामिन A 122 IU होता है। डायबिटीज में ब्लड शुगर कंट्रोल करता है। वजन घटाने के लिए लो कैलोरी।
| पोषक तत्व | मात्रा (प्रति चीला) | फायदा |
|---|---|---|
| कैलोरी | 140 kcal | एनर्जी देता है |
| प्रोटीन | 6-7 ग्राम | मसल्स बनाता है |
| कार्बोहाइड्रेट | 13 ग्राम | तुरंत ताकत |
| फाइबर | 3 ग्राम | पाचन सुधारता है |
| आयरन | 1.2 mg | खून बढ़ाता है |
| विटामिन B1 | 0.2 mg | नर्वस मजबूत |
| फोलिक एसिड | 76 mcg | प्रेग्नेंसी में अच्छा |
| कैल्शियम | 31 mg | हड्डियाँ मजबूत |
बच्चों और बड़ों के लिए खास फायदे
बच्चों को हरी सब्जियाँ पसंद न हों तो चीला में छिपा दें। कैरट, गोभी, शिमला मिर्च डालें। प्रोटीन से ग्रोथ तेज होती है। स्कूल का ब्रेकफास्ट बनता है।
बड़ों के लिए वेट लॉस और डायबिटीज में बेस्ट। लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स से शुगर कंट्रोल। बुजुर्गों को प्रोटीन सेजिएंट्स देता है। रोज खाएँ तो हेल्थ अच्छी रहती है।
वेजिटेरियन प्रोटीन सोर्स। पनीर मिलाकर 18 ग्राम एक्स्ट्रा प्रोटीन। जिम जाने वालों के लिए परफेक्ट।
वेरिएशन्स और टिप्स
पनीर चीला: 100 ग्राम पनीर कद्दूकस कर बैटर में डालें। प्रोटीन डबल। ओट्स चीला: सूजी या ओट्स मिलाएँ। क्रिस्पी बनेगा।
टिप्स: तवा गर्म करें लेकिन ज्यादा तेल न डालें। बैटर पतला रखें कुरकुरे के लिए। माइक्रोवेव में न बनाएँ, तवे पर ही। स्टोर न करें, ताजा बनाएँ।
मसाला चीला: गरम मसाला या अजवाइन डालें। स्वीट कॉर्न या बीन्स ऐड करें। बच्चे झगड़कर खाएँगे।
सरकारी योजनाओं से बेसन कैसे सस्ता मिले?
बेसन चीला सस्ता बनाने के लिए बेसन PDS (पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम) से लें। भारत सरकार की PMGKAY योजना 2025-26 में जारी। गरीब परिवारों को 5 किलो अनाज मुफ्त, जिसमें बेसन जैसी दालें शामिल।
झारखंड में मुख्यमंत्री अबुआ योजनाएँ: महिलाओं को मुफ्त राशन। बेसन, तेल सस्ते। सोलर चूल्हा योजना से गैस बचत। POSHAN अभियान से बच्चों को पौष्टिक आहार। सरकार 80% सब्सिडी पर बेसन देती। राशन कार्ड बनवाएँ।
NFSA के तहत APL/BPL कार्ड से हर महीने सस्ता बेसन। 2026 में डिजिटल राशन ऐप से घर पहुँच। इससे चीला बनाना और सस्ता।
परोसने के तरीके
गर्म चीला पर दही डालें। नारियल चटनी या इमली चटनी साइड में। सलाद के साथ डिनर। वीकेंड पर फैमिली ब्रेकफास्ट। बच्चों को चीज टॉपिंग दें। चाय के साथ स्नैक। पार्टी में 20 चीला बनाएँ।
डिस्क्लेमर
यह आर्टिकल सामान्य जानकारी और घरेलू टिप्स पर आधारित है। पोषण वैल्यू अनुमानित हैं, डॉक्टर से सलाह लें। सरकारी योजनाएँ बदल सकती हैं, लोकल ऑफिस चेक करें। वर्तमान में 2026 की स्थितियों के अनुसार लिखा गया।