February 2026 Weather Update: 5 राज्यों में 1-5 फरवरी को भारी बारिश-ओले का धमाका

फरवरी का महीना शुरू होते ही मौसम ने करवट ले ली है। भारतीय मौसम विभाग ने 1 से 5 फरवरी 2026 के बीच पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत के 5 राज्यों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। यह खबर किसानों, यात्रियों और आम लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

पश्चिमी विक्षोभ क्या है? यह भूमध्य सागर से आने वाली हवा का एक सिस्टम है जो उत्तर भारत को प्रभावित करता है। इससे बारिश, बर्फबारी, ओले और तेज हवाएं आती हैं। इस बार दो-दो पश्चिमी विक्षोभ लगातार सक्रिय हो रहे हैं, जो 31 जनवरी से 3 फरवरी तक असर दिखाएंगे। उसके बाद 5 फरवरी से एक और सिस्टम आएगा।

ये चेतावनी जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों के लिए है। वहां भारी बारिश से फसलें खराब हो सकती हैं, सड़कें बंद हो सकती हैं। सरकार ने अलर्ट जारी कर तैयारी के आदेश दिए हैं। आइए इसकी पूरी जानकारी समझें ताकि आप सुरक्षित रहें।

February 2026 Weather Update

पश्चिमी विक्षोभ एक मौसमी सिस्टम है जो ऊपरी हवाओं से आता है। यह कैस्पियन सागर या भूमध्य सागर से शुरू होकर भारत पहुंचता है। सर्दियों में यह बारिश और बर्फबारी लाता है, जो रबी फसलों के लिए अच्छा होता है लेकिन ज्यादा होने पर नुकसान करता है।

इस बार IMD ने बताया कि पहला विक्षोभ 31 जनवरी से सक्रिय है। दूसरा 2 फरवरी से आएगा। इससे हिमालयी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश होगी। तेज हवाएं 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलेंगी। तापमान 2-4 डिग्री गिर सकता है।

IMD की प्रेस रिलीज के अनुसार, यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम भारत को सबसे ज्यादा प्रभावित करेगा। किसानों को फसलें ढकने की सलाह दी गई है। यात्रियों को कोहरे और बारिश से सावधान रहना चाहिए।

विशेषताविवरण
उत्पत्तिभूमध्य सागर या कैस्पियन सागर
प्रभाव क्षेत्रउत्तर भारत, हिमालयी राज्य
मुख्य प्रभावबारिश, ओलावृष्टि, बर्फबारी, तेज हवाएं
अवधि1-5 फरवरी 2026
तीव्रतामध्यम से भारी
फायदारबी फसलों को पानी मिलना
नुकसानफसल क्षति, सड़क बंद, बाढ़ का खतरा
IMD अलर्टऑरेंज और येलो जोन
अगला सिस्टम5-7 फरवरी से तीसरा विक्षोभ

प्रभावित राज्य और चेतावनी

IMD ने 5 मुख्य राज्यों को निशाना बनाया है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में बर्फबारी भारी होगी। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बर्फ गिरीगी। पंजाब-हरियाणा में मैदानी बारिश और ओलावृष्टि का खतरा है।

1 से 3 फरवरी तक जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में छिटपुट से व्यापक बारिश-बर्फबारी। 3-5 फरवरी को पूर्वी राजस्थान, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में घना कोहरा और तेज हवाएं। ओलावृष्टि मुख्य रूप से मैदानी जिलों में संभावित।

किसानों के लिए यह चेतावनी बड़ी है। गेहूं, सरसों जैसी फसलें ओलों से खराब हो सकती हैं। IMD ने कहा कि 2 फरवरी को हिमालय में थंडरस्टॉर्म भी हो सकता है। यात्रा प्रभावित होगी, हाईवे बंद हो सकते हैं।

राज्यतारीखमुख्य प्रभावIMD अलर्ट लेवल
जम्मू-कश्मीर1-3 फरवरीभारी बर्फबारी, बारिशऑरेंज
हिमाचल प्रदेश1-5 फरवरीबर्फबारी, तेज हवाएंऑरेंज
उत्तराखंड2-4 फरवरीबारिश, बर्फबारी, थंडरस्टॉर्मयेलो
पंजाब1-3 फरवरीहल्की-भारी बारिश, ओलावृष्टियेलो
हरियाणा3-5 फरवरीबारिश, कोहरा, ओलेयेलो

सरकारी योजनाएं और सहायता

यह मौसम चेतावनी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) से जुड़ी है। यह केंद्र सरकार की योजना है जो प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को नुकसान होने पर मुआवजा देती है। किसान पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। 2026 में इस योजना को और मजबूत किया गया है।

ओलावृष्टि या भारी बारिश से 30% से ज्यादा नुकसान पर बीमा क्लेम मिलता है। राज्य सरकारें अतिरिक्त राहत देती हैं, जैसे हिमाचल में फसल पैकेज। पंजाब-हरियाणा में कृषि विभाग नेट घर दे रहा है। केंद्र ने 2025-26 बजट में 10,000 करोड़ का फंड बढ़ाया। किसानों को तुरंत नुकसान रिपोर्ट करें।

हरियाणा में डॉ. मदन खीचड़ जैसे विशेषज्ञों ने सलाह दी है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट जारी कर रहा है। हेल्पलाइन नंबर सक्रिय हैं। यह योजना 2016 से चल रही है, लाखों किसानों ने फायदा उठाया।

योजना का नामक्या प्रदान करता हैलाभार्थी
PMFBYफसल नुकसान पर 1.5-2 लाख तक मुआवजासभी रबी किसान
राज्य फसल राहत कोष10,000-50,000 अतिरिक्त मददप्रभावित जिले
नेट हाउस सब्सिडी50% सब्सिडी पर नेटपंजाब-हरियाणा किसान
आपदा राहत फंडतत्काल नकद सहायतासभी प्रभावित
कृषि हेल्पलाइनमुफ्त सलाह और बीमा क्लेमपूरे देश
हिमाचल पैकेज5,000 प्रति हेक्टेयरपहाड़ी किसान
IMD ऐप अलर्टतुरंत चेतावनीसभी लोग

संभावित प्रभाव और सावधानियां

भारी बारिश से बाढ़ का खतरा कम है लेकिन ओलावृष्टि फसलों को चोट पहुंचाएगी। सड़कों पर कोहरा से एक्सीडेंट बढ़ सकते हैं। हवाई यात्रा प्रभावित, जैसे श्रीनगर फ्लाइट्स कैंसल। तापमान गिरने से ठंड बढ़ेगी।

किसान फसलें ढकें, नेट लगाएं। यात्री मौसम ऐप चेक करें। घरों में बिजली-पानी की तैयारी रखें। बच्चे-बुजुर्ग घर में रहें। तेज हवाओं से पेड़ गिर सकते हैं। IMD ने कहा कि 5 फरवरी के बाद तीसरा सिस्टम आएगा।

यह मौसम रबी सीजन के लिए चुनौती है लेकिन बीमा से नुकसान कम होगा। पहले भी ऐसे विक्षोभ आए, किसानों ने हिम्मत दिखाई। सावधानी बरतें तो सब ठीक रहेगा।

प्रभावित क्षेत्रों में तैयारी

पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड का खतरा। मैदानी इलाकों में जलभराव। सरकार ने NDRF टीमें तैनात की हैं। स्कूल-कॉलेज बंद हो सकते हैं। किसान यूनियन ने जागरूकता अभियान चलाया।

घरेलू टिप्स: छतरी रखें, गर्म कपड़े पहनें। वाहन धीरे चलाएं। बिजली के तारों से दूर रहें। मौसम विभाग का ऐप डाउनलोड करें। यह अपडेट रोज चेक करें।

कुल मिलाकर, यह चेतावनी समय पर है। तैयारी से नुकसान कम होगा। (शब्द संख्या: 950)

डिस्क्लेमर: यह लेख IMD की सार्वजनिक जानकारी और सामान्य मौसम पूर्वानुमानों पर आधारित है। वास्तविक स्थिति बदल सकती है, इसलिए आधिकारिक IMD ऐप या वेबसाइट चेक करें। मौसम पूर्वानुमान 100% सटीक नहीं होते, स्थानीय अलर्ट पर ध्यान दें।

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